विद्यार्थी लभते विद्यां धनार्थी लभते धनम् । पुत्रार्थी लभते पुत्रान्मोक्षार्थी लभते गतिम् ॥ ६॥

विद्यार्थी लभते विद्यां धनार्थी लभते धनम् ।
पुत्रार्थी लभते पुत्रान्मोक्षार्थी लभते गतिम् ॥ ६॥
इस श्लोक में विद्यार्थी को विद्या मिलती है धन धनी को धन मिलता है पुत्रों की इच्छा रखने वालों को पुत्र मिलता है लेकिन मोक्ष की कामना वाले को गति क्यों मिलती है मोक्ष क्यों नहीं मिलता
मोक्ष का मतलब होता है मोहो से करना यानी कि मोह को नाश करना है जबकि गति का मतलब है आगे बढ़ना
यहां पर इस नियम को बल मिलता है जिसका जन्म है उसका अंत निश्चित है और जिसका अंत है उसका जन्मदिन है
  • यह दूसरा नियम को भी बल मिलता है गति संसार का नियम है या फिर परिवर्तन संसार का नियम है परिवर्तन और गति दोनों एक ही चीज है
  • गति के दो रूप होते शून्य गति और एक गति

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